फेस कंटूरिंग और हाइलाइटिंग
फेस कंटूरिंग और हाइलाइटिंग मेकअप की दो प्रमुख तकनीकें हैं जो चेहरे की प्राकृतिक संरचना को उभारती हैं और आकर्षक लुक देती हैं। कंटूरिंग से चेहरे की गहराई और परिभाषा बढ़ाई जाती है जबकि हाइलाइटिंग से चेहरे के उभरे हुए हिस्से उजागर होते हैं। इन दोनों तकनीकों का सही उपयोग व्यक्ति की पर्सनालिटी को निखारने में सहायक होता है।
1️⃣ कंटूरिंग क्या है?
कंटूरिंग एक गहरी छाया (dark shade) द्वारा चेहरे की संरचना को आकार देने की प्रक्रिया है जिससे चेहरे के कुछ हिस्सों को छोटा, पतला या छायायुक्त दिखाया जा सकता है।
2️⃣ हाइलाइटिंग क्या है?
हाइलाइटिंग का उद्देश्य चेहरे के उभरे हुए भागों (जैसे – माथा, नाक की हड्डी, गाल की हड्डियाँ, चिन) को हल्के शेड से उभारना होता है ताकि चेहरा चमकदार और परिभाषित लगे।
3️⃣ आवश्यक सामग्री
- कंटूर स्टिक या पाउडर (मैट)
- हाइलाइटर (क्रीम, पाउडर या लिक्विड)
- ब्यूटी ब्लेंडर या ब्रश
- फाउंडेशन और कंसीलर (बेस के लिए)
- सेटिंग पाउडर
4️⃣ चेहरे के अनुसार कंटूरिंग और हाइलाइटिंग के क्षेत्र
चेहरे का भाग
कंटूरिंग
हाइलाइटिंग
गाल
गाल की हड्डी के नीचे
गाल की हड्डी के ऊपर
नाक
नाक के किनारे
नाक की हड्डी (स्ट्रेट लाइन)
जॉलाइन
जॉलाइन के नीचे
ठोड़ी (चिन) के बीच में
माथा
माथे के किनारे
माथे का बीच का भाग
5️⃣ स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- चेहरे को क्लीन और मॉइस्चराइज़ करें
- फाउंडेशन और कंसीलर से बेस बनाएं
- डार्क कंटूर शेड को उन भागों पर लगाएं जिन्हें पतला या शार्प दिखाना है
- लाइट शेड (हाइलाइटर) को चेहरे के उभरे हिस्सों पर लगाएं
- ब्यूटी ब्लेंडर या ब्रश से दोनों को अच्छे से ब्लेंड करें
- सेटिंग पाउडर से लुक को फिक्स करें
6️⃣ प्रकार
- पाउडर कंटूर: ऑयली स्किन के लिए उपयुक्त
- क्रीम कंटूर: