हील पील ट्रीटमेंट एक विशेष प्रकार की पेडीक्योर सेवा है, जो फटी, सूखी और कठोर एड़ियों की गहराई से देखभाल करता है। इसमें मृत त्वचा को हटाकर कोमल और स्वच्छ त्वचा को बाहर लाया जाता है। यह ट्रीटमेंट खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें एड़ियों में दरारें, रूखापन या बदबू की समस्या होती है।
ट्रीटमेंट की प्रक्रिया
- पैरों की सफाई और स्क्रबिंग
- एक्सफोलिएटिंग जेल का प्रयोग
- मृत त्वचा को धीरे-धीरे हटाना
- मॉइस्चराइज़र और नरिशिंग क्रीम लगाना
- हल्की मसाज से रक्त संचार को बढ़ाना
फायदे
- दरारों और कठोर त्वचा से राहत
- पैरों की बदबू को कम करना
- नरम, चिकनी और स्वस्थ त्वचा
- बेहतर आत्मविश्वास – खुले सैंडल पहनने में संकोच नहीं
- आरामदायक चलना और खड़ा रहना
कब नहीं कराना चाहिए?
- यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं
- डायबिटीज या स्किन एलर्जी से पीड़ित हैं
- एड़ियों में खुले घाव या सूजन है
ट्रीटमेंट के बाद देखभाल
- त्वचा को खुद से खुरचने या खींचने से बचें
- मुलायम जूते पहनें और पैर नम रखें
- हर दिन मॉइस्चराइज़र लगाएं
यह ट्रीटमेंट आमतौर पर हर 4 से 6 सप्ताह में दोहराया जा सकता है। पहली बार में ही बदलाव दिखाई देता है, लेकिन पूरा असर 5–7 दिनों में आता है।
और जानकारी के लिए देखें: Vurve Salon – Heel Peel Treatment
कॉस्मेटोलॉजी
बेसिक कॉस्मेटोलॉजी
ट्रेड का नाम: बेसिक कॉस्मेटोलॉजी (Basic Cosmetology)
NSQF स्तर: लेवल 4
अवधि: 1 वर्ष
प्रवेश योग्यता: 10वीं कक्षा उत्तीर्ण
उद्देश्य: त्वचा देखभाल, बाल देखभाल, मेकअप, और सौंदर्य सेवाओं में कौशल विकास।